Hi friends कुछ दिन बाद christmes आने वाला है l और सभी लोग christmes को बहुत धूम धाम से मनाते हैं l क्योंकि इसी दिन यीशु मसीह जी इस दिन इस दुनिया में अवतरित हुए थे l दोस्तों वे दो हजार साल पहले इस दुनिया में आये थे l
और प्रभु ईसा मसीह के संदेश आज भी पुरे मानव सामाज को प्रेममय और करुनाओं जीवन जीने के लिए प्रेरित करते हैं l जिस त्याग , सेवा और परहित की भावना को उन्होंने खुशहाल समाज और दुनिया के लिए जरुर बताया , आज उस भावना को अधिक से अधिक अपनाने की जरुरत है l
christmes के अवसर पर प्रभु ईसा के अनमोल संदेशो को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेकर हम अपना ही नहीं सबका जीवन खुशहाल बना सकते हैं l
christmes यानि प्रभु यीशु का जन्म दिवस l इस दिन देश दुनिया देश - दुनिया में उनके जन्म का उत्सव मनाया जाता है l साथ यह दिन हमें यीशु में महान संदेशो को जीवन में आत्मसात करने की भी याद दिलाता है l
यीशु ने प्रेम , त्याग , करुना , सेवा और क्षमा को जीवन का आधार मन है l हम सभी को christmes के मौके पर उनके संदेशो को गहनता से समझना चाहिए , उसे जीवन में अमल भी करना चाहिए , इससे हम सच्ची ख़ुशी महसूस करेंगे और खुद के साथ - साथ दुनिया को भी बेहतर बन पाए l
समझाया प्रेम का अर्थ
यीशु कहते हैं , 'तुमने सुना होगा या तुमसे कहा गया होगा की अपने पडोसी, मित्रों , प्रियजनों से प्रेम करना और दुश्मनों से बैर l लेकिन मैं तुमसे कहता हूँ की अपने शत्रुओं से भी प्रेम करना चाहिए और जो तुम्हे सताते हैं , उनके लिए भी प्रार्थना करो l ' इसी तरह वह कहते हैं l 'मैं तुम्हे एक नया आदेश दे रहा हूँ , एक - दुसरे से प्रेम करो l जैसा मैंने तुमसे प्रेम किया है , वैसे ही तू एक - दूसरे से प्रेम करो l जैसा मैंने तुमसे प्रेम किया है , waise ही तुम एक दुसरे से प्रेम करोगे l तभी यह सर्वज्ञता हो जायेगा की तुम मेरे शिष्य हो l इन संदेशो के जरिये यीशु जीवन में प्रेम का महत्व बताते हैं l खुद भी उन्हें अपना जीवन इसी मूल्य के अधर पर जिया था l यहाँ तक की जब उन्हें क्रूस पर चढ़ाया जा रहा था , तब भी उन्होंने अपने शातुओं के लिए प्रार्थना की और कहा ' हे पिता , इन्हें क्षमा करे , क्योंकि ये नहीं जानते की ये क्या कर रहे हैं l इस तरह यीशु बदला लेने के बजाय भला सोचने के संदेश देते हैं l और क्षमा करने के संदेश देते हैं l प्रेम के क्षमा की असीम शक्ति के भान कराते हैं l
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सेवा त्याग को सर्वोपरि माना
यीशु प्रेम के साथ - साथ करुना - त्याग को भी जीवन के लिए आवश्यक मानते है l मुसीबत में पड़े लोगो के सहयता के लिए वह प्ररित करते हैं l इसके अलावा यीशु बीमारी से पीड़ित व्यक्ति , किसी के क्रूरता या शोषण के शिकार हुए व्यक्ति की सहायता के लिए भी तत्पर रहने की सीख देते हैं l यीशु समाज में हाशिये पड़े लोगो , दमन और शोषण के शिकार से पीड़ित लोगो की सहायता करने के लिए सबको प्रेरित करते हैं l उन्हें अपना प्रिय पडोसी मानने की बात कहते हैं ' जब हम लोगो की सहायता करते हैं , तो सच्चे अर्थों में परमेश्वर के प्रति अपने प्रेम को प्रदर्शित करते हैं l
सेवा की अहमियत को बताने के साथ - साथ यीशु त्याग को भी आवश्यक मानते हैं l समस्त मानवता के लिए उन्होंने अपने जीवन का बलिदान दिया l ऐसा करके उन्होंने त्याग की महत्ता को बताया l कहने का सार यही है की जिनसे हम प्रेम करते हैं , उनके लिए त्याग करने के लिए तत्पर रहना चाहिए l अपने प्रिय , पडोसी या समाज के लिए यह त्याग किसी भी रूप में हो सकता हैं , जैसे अपनी इच्छाओं का त्याग, संसाधनों का त्याग l आज के समाज में त्याग का महत्व स्वीकार ही हम बुरी भावनाओं का त्याग कर सकते हैं l
प्रार्थना क्षमा की महत्ता
यीशु ने अपने जीवन में प्रर्थना और क्षमा को बहुत महत्व दिया है l वह सुबह - सुबह का अधिकांश समय प्रर्थना में बिताते थे l यीशु हमेशा प्रार्थना को दिखावे से दूर रखने के बात कहते थे l वह हमेशा मानते है की परमेश्वर के साथ हमारा सम्बन्ध सार्वजनिक दिखावे के लिए नही है l यीशु ने अपने शिष्यों को एक बड़ी संक्षिप्त प्रार्थना के बारे में बताया , जिसमे पिता परमेश्वर का पवित्र नाम लिया जाता हैं और उनके राज्य के धरती पर आने की विनती की जाती हैं l
इस प्रार्थना में अपने अपराधों के लिए क्षमा याचना भी शामिल है l इस तरह यीशु हमें क्षमा का महत्व बताते हैं l हम खुद के द्वारा किये गए अपराधों की क्षमा मांगकर या दूसरों को क्षमा करके कई problems का सलूश निकाल सकते हैं l जीवन से जुडी विषमताओं को दूर कर पते हैं l यदि हम अपने जीवन में यीशु के इन वचनों को आत्मसात करे , तो अपना ही नहीं दूसरों का भी जीवन बदल सकते हैं l इस तरह खुशहाल समाज , देश और दुनिया का निर्माण कर सकते हैं l
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1. क्रिसमस का यह प्यारा त्यौहार,
जीवन में लाये खुशियां अपार,
सांता क्लॉज़ आये आपके द्वार,
शुभकामना हमारी करे स्वीकार
मेर्री क्रिसमस
2. चाँद ने चाँदनी बिखेरी है;
तारों ने आसमां को सजाया है;
लेकर तोहफा अमन और प्यार का;
देखो सवर्ग से कोई फरिश्ता आया है।
मेर्री क्रिसमस!
3.सबके दिलों में हो सके लिए प्यार, आने वाला हर दिन लाये खुशियूं का त्यौहार, इस उम्मीद के साथ आओ भूल के सारे गम, क्रिसमस में हम सब करें
4. क्रिसमस प्यार है, क्रिसमस ख़ुशी है,
क्रिसमस उत्साह है, क्रिसमस नया उमंग है,
आप सभी को क्रिसमस की शुभकामनायें
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तो दोस्तों कैसी लगी आपको ये किसी भी field में सफलता पाने के सूत्र दोस्तों आप हमें कमेंट करके जरुर बताये और subscribe करे हमारे blog को
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यीशु ने प्रेम , त्याग , करुना , सेवा और क्षमा को जीवन का आधार मन है l हम सभी को christmes के मौके पर उनके संदेशो को गहनता से समझना चाहिए , उसे जीवन में अमल भी करना चाहिए , इससे हम सच्ची ख़ुशी महसूस करेंगे और खुद के साथ - साथ दुनिया को भी बेहतर बन पाए l
समझाया प्रेम का अर्थ
यीशु कहते हैं , 'तुमने सुना होगा या तुमसे कहा गया होगा की अपने पडोसी, मित्रों , प्रियजनों से प्रेम करना और दुश्मनों से बैर l लेकिन मैं तुमसे कहता हूँ की अपने शत्रुओं से भी प्रेम करना चाहिए और जो तुम्हे सताते हैं , उनके लिए भी प्रार्थना करो l ' इसी तरह वह कहते हैं l 'मैं तुम्हे एक नया आदेश दे रहा हूँ , एक - दुसरे से प्रेम करो l जैसा मैंने तुमसे प्रेम किया है , वैसे ही तू एक - दूसरे से प्रेम करो l जैसा मैंने तुमसे प्रेम किया है , waise ही तुम एक दुसरे से प्रेम करोगे l तभी यह सर्वज्ञता हो जायेगा की तुम मेरे शिष्य हो l इन संदेशो के जरिये यीशु जीवन में प्रेम का महत्व बताते हैं l खुद भी उन्हें अपना जीवन इसी मूल्य के अधर पर जिया था l यहाँ तक की जब उन्हें क्रूस पर चढ़ाया जा रहा था , तब भी उन्होंने अपने शातुओं के लिए प्रार्थना की और कहा ' हे पिता , इन्हें क्षमा करे , क्योंकि ये नहीं जानते की ये क्या कर रहे हैं l इस तरह यीशु बदला लेने के बजाय भला सोचने के संदेश देते हैं l और क्षमा करने के संदेश देते हैं l प्रेम के क्षमा की असीम शक्ति के भान कराते हैं l
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सेवा त्याग को सर्वोपरि माना
यीशु प्रेम के साथ - साथ करुना - त्याग को भी जीवन के लिए आवश्यक मानते है l मुसीबत में पड़े लोगो के सहयता के लिए वह प्ररित करते हैं l इसके अलावा यीशु बीमारी से पीड़ित व्यक्ति , किसी के क्रूरता या शोषण के शिकार हुए व्यक्ति की सहायता के लिए भी तत्पर रहने की सीख देते हैं l यीशु समाज में हाशिये पड़े लोगो , दमन और शोषण के शिकार से पीड़ित लोगो की सहायता करने के लिए सबको प्रेरित करते हैं l उन्हें अपना प्रिय पडोसी मानने की बात कहते हैं ' जब हम लोगो की सहायता करते हैं , तो सच्चे अर्थों में परमेश्वर के प्रति अपने प्रेम को प्रदर्शित करते हैं l
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प्रार्थना क्षमा की महत्ता
यीशु ने अपने जीवन में प्रर्थना और क्षमा को बहुत महत्व दिया है l वह सुबह - सुबह का अधिकांश समय प्रर्थना में बिताते थे l यीशु हमेशा प्रार्थना को दिखावे से दूर रखने के बात कहते थे l वह हमेशा मानते है की परमेश्वर के साथ हमारा सम्बन्ध सार्वजनिक दिखावे के लिए नही है l यीशु ने अपने शिष्यों को एक बड़ी संक्षिप्त प्रार्थना के बारे में बताया , जिसमे पिता परमेश्वर का पवित्र नाम लिया जाता हैं और उनके राज्य के धरती पर आने की विनती की जाती हैं l
इस प्रार्थना में अपने अपराधों के लिए क्षमा याचना भी शामिल है l इस तरह यीशु हमें क्षमा का महत्व बताते हैं l हम खुद के द्वारा किये गए अपराधों की क्षमा मांगकर या दूसरों को क्षमा करके कई problems का सलूश निकाल सकते हैं l जीवन से जुडी विषमताओं को दूर कर पते हैं l यदि हम अपने जीवन में यीशु के इन वचनों को आत्मसात करे , तो अपना ही नहीं दूसरों का भी जीवन बदल सकते हैं l इस तरह खुशहाल समाज , देश और दुनिया का निर्माण कर सकते हैं l
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मेर्री क्रिसमस
2. चाँद ने चाँदनी बिखेरी है;
तारों ने आसमां को सजाया है;
लेकर तोहफा अमन और प्यार का;
देखो सवर्ग से कोई फरिश्ता आया है।
मेर्री क्रिसमस!
3.सबके दिलों में हो सके लिए प्यार, आने वाला हर दिन लाये खुशियूं का त्यौहार, इस उम्मीद के साथ आओ भूल के सारे गम, क्रिसमस में हम सब करें
4. क्रिसमस प्यार है, क्रिसमस ख़ुशी है,
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